देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विद्युत वितरण लॉस को न्यूनतम करने, विद्युत चोरी सख्ती से रोकने और वितरण लॉस में लापरवाही बरतने वालों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश ऊर्जा निगम अधिकारियों को दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि आगामी ग्रीष्मकालीन सीजन को देखते हुए यूजेवीएनएल, पिटकुल एवं यूपीसीएल अभी से समस्त तैयारियां सुनिश्चित करें और सभी औपचारिकताओं को मार्च तक पूर्ण कर अप्रैल तक परियोजनाओं के शुभारंभ हेतु प्रस्तुत करें।
संबंधित प्रकरणों का त्वरित निस्तारण करें
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज सचिवालय सभागार में पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन ऑफ उत्तराखण्ड लिमिटेड (पिटकुल) की समीक्षा बैठक में यह निर्देश दिए। बैठक में सीएसआर मद में प्राप्त धनराशि के लिए पृथक खाता खोलकर उसका अधिकतम एवं बहु-रचनात्मक उपयोग सुनिश्चित करने को कहा गया। विभिन्न जनपदों में एडीबी पोषित उपकेंद्रों से संबंधित प्रकरणों का त्वरित निस्तारण कर कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
एडीबी पोषित द्वितीय चरण के अंतर्गत बहादराबाद (हरिद्वार), कोटद्वार (पौड़ी), भिकियासैंण (अल्मोड़ा), कपकोट (बागेश्वर) एवं नंदप्रयाग (चमोली) में भूमि आवंटन एवं स्थानांतरण की प्रक्रिया एक सप्ताह में पूर्ण करने के लिए संबंधित जिला अधिकारियों को निर्देशित किया गया। मुख्यमंत्री घोषणाओं के अंतर्गत शिलान्यास की गई सभी परियोजनाओं को तत्काल प्रभाव से पूर्ण करने हेतु निरंतर निगरानी एवं प्रभावी प्रगति सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
पिटकुल के प्रबंध निदेशक यू.सी. ध्यानी ने बताया कि वर्तमान में एशियाई विकास बैंक (ADB) पोषित 220 एवं 120 केवी उप संस्थानों की परियोजनाएं मंगलौर, सेलाकुई, आराघर, खटीमा, धौलाखेड़ा, लोहाघाट एवं सरवरखेड़ा में गतिमान हैं। जबकि
नॉन-एडीबी पोषित 400, 220 एवं 132 केवी उप संस्थानों की परियोजनाएं पीपलकोटी, घनसाली, बनबसा, रानीहाट, ऋषिकेश, अल्ट्राटेक एवं सिमली में प्रगति पर हैं।




